राष्ट्रपति से लेकर विधायक तक किसको कितना सैलरी मिलती है

राष्‍ट्रपति

हमारे देश में राष्‍ट्रपति को तमाम भत्‍तों के साथ 5 लाख रुपये प्रति माह सैलरी मिलती है। राष्ट्रपति को सेवानिवृत्ति के बाद 1.5 लाख रुपये पेंशन भी मिलेगी। राष्ट्रपति के जीवनसाथी को 30,000 रुपये महीने की सेक्रेटेरियल सहायता मिलेगी।

उपराष्‍ट्रपति

वर्तमान में उपराष्‍ट्रपति की सैलरी 4 लाख रुपये मासिक है। इसके अलावा उन्‍हें भी राष्‍ट्रपति की भांति अन्‍य भत्‍तों का भी भुगतान किया जाता है।

प्रधानमंत्री

इस वक्‍त देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं और बतौर प्रधानमंत्री उन्‍हें 1 लाख, 60 हजार रुपये सैलरी मिलती है। इतनी ही नहीं उन्‍हें अन्‍य सरकारी भत्‍ते भी दिए जाते हैं।

राज्‍यपाल

सभी राज्‍यों के गर्वनरों को 3 लाख, 50 हजार रुपये बतौर वेतन दिया जाता है। यानी हमारे देश में प्रधानमंत्री से अधिक वेतन राज्‍य के गर्वनर को मिलता है। इसके अलावा इन्‍हें अन्‍य सरकारी सुविधाओं के साथ-साथ तमाम भत्‍ते भी दिए जाते हैं।

 

मुख्य न्यायधीश

भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की सैलरी 280000 प्रति महीना होता है!

सुप्रीम कोर्ट के जज

भारत के सुप्रीम कोर्ट के जज को 250000 प्रति महीना दिया जाता है।

मुख्‍यमंत्री

हमारे देश में हर राज्‍य के मुख्‍यमंत्री की सैलरी अलग-अलग है। इसके अलावा सभी राज्‍यों में सीएम को दिए जाने वाले भत्‍ते भी अलग-अलग हैं। मसलन दिल्‍ली में मुख्‍यमंत्री की सैलरी 3 लाख, 90 हजार है। वहीं उत्‍तर प्रदेश में मुख्‍यमंत्री को 3 लाख, 65 हजार रुपये बतौर वेतन मिलता है। जबकि सिक्किम और केरल के मुख्‍यमंत्रियों को क्रमश: 1,90,000 और 1,85,000 रुपये दिए जाते हैं।

सांसद

हमारे माननीय सांसदों को हर महीने 50 हजार रुपये तनख्‍वाह और तमामों तरह के भत्‍ते दिए जाते हैं।

विधायक

मुख्‍यमंत्री की तरह हर राज्‍य के विधायकों की भी तनख्‍वाह अलग-अलग है। तेलंगाना के विधायकों को सबसे ज्‍यादा सैलरी मिलती है तो सबसे कम सैलरी त्रिपुरा और मेघालय के विधायकों की है। तेलंगाना के विधाय‍क हर महीने 2.50 लाख रुपये पाते हैं तो त्रिपुरा के विधायकों को 34 हजार रुपये से काम चलाना पड़ता है।

 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *