UPSC में 5 बार Fail के बाद भी नमिता शर्मा IAS कैसे बनी

आज किस पोस्ट में मैं आपको यूपीएससी में 5 बार फेल होने के बाद भी नमिता शर्मा आईएएस कैसे बने जैसा कि आप सभी जानते हैं यूपीएससी में मात्र 6 अटेम्प्ट होते हैं जनरल वालों के लिए और इस बीच में नमिता शर्मा जी किस प्रकार अपने को मोटिवेट रखा और क्या-क्या गलतियां की जिससे उनको छठी बार में सफलता हासिल हुई जानने के लिए इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें

भारत की प्रशासनिक सेवा में जाने के लिए हर साल लाखों अभ्यर्थी परीक्षा देते हैं और अपने सपने को पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत करते हैं लेकिन कुछ अभ्यर्थी को सफलता हासिल होती है तो कुछ अभ्यर्थी को सफलता नहीं मिल पाती है हालांकि कुछ अभ्यर्थी हमेशा प्रयास जारी रखते हैं अगले साल फिर दोगुनी मेहनत के साथ जाम में बैठते हैं ऐसे ही आईएस बनने का सपना एक लड़की ने भी देखा था सपने को सच करने के लिए उन्होंने अपना नौकरी छोड़ दी।

यूपीएससी की परीक्षा लेकिन सफलता हासिल नहीं हुआ पहली बार में उनको प्रीलिम्स भी नहीं निकला फिर से प्रयास किया पर निराशा ही हाथ लगी तीसरी बार में फिर परीक्षा में अधिक तैयारी के साथ आई लेकिन एक बार फिर से वह विफल हो गई एक दो तीन बार नहीं बल्कि 5 बार उन्हें यह नाकामी हासिल हुई बार-बार फेल होने पर जब लोग उम्मीद हार जाते हैं तो इस लड़की ने अपने आईएएस बनने के सपना को जुनून बना रखा था और अंत में जीत जज्बे और सपने और जुनून की हुई संघर्ष की यह कहानी आइए नमिता शर्मा की है चलिए जानते हैं ललिता शर्मा कौन है जिन्हें पांचवीं बार फेल होने के बाद भी अपनी सफलता अंतिम प्रयास में पास की

नमिता शर्मा की जीवनी

नमिता शर्मा दिल्ली की निवासी है उनके पिता दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर है और मां गृहिणी है नमिता का परिवार में माता-पिता के अलावा एक भाई भी है परिवार ने नमिता को हमेशा हौसला बढ़ाया नमिता की शुरुआती शिक्षा दिल्ली में ही संपन्न हुई उसके बाद आईपी यूनिवर्सिटी से बी टेक इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर नमिता को केंपस सिलेक्शन में नौकरी लग गई इसके बाद उन्होंने आईबीएम में जॉब करना शुरू किया लेकिन नविता इंजीनियरिंग की जॉब से संतुष्ट नहीं थी तो उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाना पसंद किया तो इसलिए वहां 2 साल मुंबई में जॉब करने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पीएससी की तैयारी शुरू कर दी लेकिन नमिता की मंजिल आसान नहीं थी लगातार चार बार परीक्षा में सफलता हासिल हुई इसके बाद नमिता का हौसला बनाए रखा

पांचवी बार में नमिता ने यूपीएससी की परीक्षा दी इस बार वह इंटरव्यू राउंड तक पहुंच गए लेकिन फाइनल लिस्ट में उनका नाम नहीं आया तो उन्हें फिर निराशा हाथ लगी यह किसी व्यक्ति के दृढ़ संकल्प और जज्बा ही हो सकता है कि बार-बार हार के बाद भी मन से हार ना माने उन्होंने एक पल भी परीक्षा दी और नमिता ऑल इंडिया रैंक 145 प्राप्त किए और आखिरकार उनका आईएएस अफसर बनने का सपना पूरा हो गया

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